नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर मनीष वर्मा की पहली प्रतिक्रिया, निशांत कुमार के राजनीति में आने का किया स्वागत

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर मनीष वर्मा की पहली प्रतिक्रिया, निशांत कुमार के राजनीति में आने का किया स्वागत

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच उनके बेटे निशांत कुमार आज (रविवार) जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल हो रहे हैं। इस फैसले को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

इसी बीच नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

मीडिया से बातचीत करते हुए मनीष वर्मा ने कहा कि राज्यसभा जाने के बाद भी नीतीश कुमार बिहार की राजनीति से दूर नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा जाने का मतलब यह नहीं है कि वे पूरी तरह दिल्ली में ही रहेंगे।

मनीष वर्मा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को जिस तरह बनाया और संवारा है, वह उसे खराब होते हुए नहीं देख सकते। इसलिए वे पटना में भी रहकर राज्य की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

निशांत कुमार के राजनीति में आने पर जताई खुशी

दूसरी ओर मनीष वर्मा ने निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जेडीयू कार्यकर्ताओं की लंबे समय से यह मांग थी कि निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने बताया कि कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने इस मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था और कई नेताओं ने भी इसका समर्थन किया था।

मनीष वर्मा ने कहा कि निशांत कुमार का स्वभाव मिलनसार है और उनका व्यक्तित्व पार्टी को मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके आने से जेडीयू को नई ऊर्जा मिलेगी।

फेसबुक पोस्ट में कही यह बात

अपने फेसबुक पोस्ट में मनीष वर्मा ने लिखा कि नई पीढ़ी के बिना कोई भी संगठन आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निशांत कुमार का सक्रिय राजनीति में प्रवेश जेडीयू परिवार के लिए भावनात्मक और उत्साह से भरा क्षण है।

मनीष वर्मा ने निशांत कुमार के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें विनम्रता, सहजता और सादगी भरी हुई है। उन्होंने कभी इस बात का अभिमान नहीं किया कि वे इतने बड़े नेता के बेटे हैं।